शादी के कुछ साल बाद सब कुछ बदल जाता है -
पति के विचार
पत्नी का आकर |
पति की बाते -
पत्नी की दिन-राते |
पति का हँसी मजाक -
पत्नी के लिए बकवास |
पति के रिश्ते नाते -
लगते कभी पत्नी कों काटे|
पति का रोज देर से आना -
पत्नी का रूठ के सो जाना |
धीरे -धीरे शादी के बाद -
सब कुछ बदल जाता है |
Friday, November 25, 2011
Tuesday, November 8, 2011
एक सुबह की सैर पर ....
कितनी बार कह दिया है जब अपना घर ले लिया है तो अपने घर में रहो यहाँ क्यों आते हो बार-बार ,पर सुनते कहा है उन्हें तो एक आया चाहिए बच्चा सम्भालने के लिया | पति को सुनाती हुई औरत जो सास भी थी |
जिस रंग का सूट उसी रंग की चपल्ल उसी रंग का पर्स उसी रंग का मेकप एक स्कूल टीचर |
आज फिर लेट हो रहे हो कितनी बार कहा है सारी तैयारी होम वर्क रात में करके रखा करो लेकिन नहीं तुम्हे तो टीवी के प्रोग्राम ज्यादा जरूरी है खाओ पापा की डाट कहो मुझे छोड़ के आओ, मुझे तो आज अपनी किट्टी पार्टी की तैयारी करनी है | बेटा ---पापा डैड ....
कार साफ करते हुए नेपाली लडको के मोबाईल से आते नये गाने की आवाजे ......हो मेरी छम्मक छल्लो ..|
पान और चाय की दुकानों में पपरो में छपी राजनीती की बिना सर पैर की बाते |
ओफिस के लिए जाते पति-पत्नी की तकरार |
स्कूल से कट मारकर लडके और लडकी की मौजमस्ती |
कॉलेज के युवा सिकरेट पीते हुए कुछ लडकियाँ भी |
ऐसे ही होती है बड़े शहर की कुछ -कुछ सुबह......
जिस रंग का सूट उसी रंग की चपल्ल उसी रंग का पर्स उसी रंग का मेकप एक स्कूल टीचर |
आज फिर लेट हो रहे हो कितनी बार कहा है सारी तैयारी होम वर्क रात में करके रखा करो लेकिन नहीं तुम्हे तो टीवी के प्रोग्राम ज्यादा जरूरी है खाओ पापा की डाट कहो मुझे छोड़ के आओ, मुझे तो आज अपनी किट्टी पार्टी की तैयारी करनी है | बेटा ---पापा डैड ....
कार साफ करते हुए नेपाली लडको के मोबाईल से आते नये गाने की आवाजे ......हो मेरी छम्मक छल्लो ..|
पान और चाय की दुकानों में पपरो में छपी राजनीती की बिना सर पैर की बाते |
ओफिस के लिए जाते पति-पत्नी की तकरार |
स्कूल से कट मारकर लडके और लडकी की मौजमस्ती |
कॉलेज के युवा सिकरेट पीते हुए कुछ लडकियाँ भी |
ऐसे ही होती है बड़े शहर की कुछ -कुछ सुबह......
Monday, November 7, 2011
कुछ नही
बस यूही कभी दिल -
करता है -
साये से बाते करता है
बस यूही ......
तन्हाई मेला लगती है -
अपनों से डर लगता है
बस यूही ....
जब होटों पर हँसी सी आती है -
दिल धक-धक सा करता है |
बस यूही ......
बस यूही कुछ नहीं मतलब फिरभी
दिल क्यों करता है |
बस यूही ....
करता है -
साये से बाते करता है
बस यूही ......
तन्हाई मेला लगती है -
अपनों से डर लगता है
बस यूही ....
जब होटों पर हँसी सी आती है -
दिल धक-धक सा करता है |
बस यूही ......
बस यूही कुछ नहीं मतलब फिरभी
दिल क्यों करता है |
बस यूही ....
बस yuhee
सभी तो मेरे साथ है |
फिरभी दिल उदास है |
हर -पल ज़िन्दगी करवट-
बदलती है -
मन छलती, तन बदलती है |
ज़िन्दगी नहीं किसी की सगी -
ये हरपल रूप बदलती है |
ज़िन्दगी को प्यार हम जितना -
करते है ये उतना हमे तड़पाती है |
मन के वश में नहीं , मन को वश
में करके चलो ये बात हमे सिखाती है -
फिर भी मन के वश में रहते है -
उदास तन्हा रहते है |
फिरभी दिल उदास है |
हर -पल ज़िन्दगी करवट-
बदलती है -
मन छलती, तन बदलती है |
ज़िन्दगी नहीं किसी की सगी -
ये हरपल रूप बदलती है |
ज़िन्दगी को प्यार हम जितना -
करते है ये उतना हमे तड़पाती है |
मन के वश में नहीं , मन को वश
में करके चलो ये बात हमे सिखाती है -
फिर भी मन के वश में रहते है -
उदास तन्हा रहते है |
Monday, September 19, 2011
कुछ बाते
कुछ बाते 'कुछ लोगो' के लिए नहीं होती ,
क्योकि कुछ बाते 'कुछ लोगो ' के लिए ही होती है |
कुछ बाते 'कुछ लोगो ' को बताने से 'बताने वाले' पछताते है -
जिन्हें बताते है वो उलझ जाते है |
इसलिए कुछ बाते 'कुछ लोगो ' के लिए ही ,
होती है |
इसलिए कुछ बाते 'कुछ लोगो को नहीं बतानी चाहिए |
कुछ बाते कुछ खास लोगो कों ही बतानी चाहिए |
क्योकि कुछ बाते 'कुछ लोगो ' के लिए ही होती है |
कुछ बाते 'कुछ लोगो ' को बताने से 'बताने वाले' पछताते है -
जिन्हें बताते है वो उलझ जाते है |
इसलिए कुछ बाते 'कुछ लोगो ' के लिए ही ,
होती है |
इसलिए कुछ बाते 'कुछ लोगो को नहीं बतानी चाहिए |
कुछ बाते कुछ खास लोगो कों ही बतानी चाहिए |
Thursday, August 25, 2011
अन्ना जी का साथ दो , देश कों सम्भाल लो
अन्ना जी हम देश वासियों के लिए अनशन पर बैठे है , देश में फैले भष्ट्राचार को वो मिटाना चाहते है जनता और सरकार के बीच पारदर्शिता चाहते है जो हम -सभी के हित के लिए है | सरकार उनकी सही मागो को भी नाजायज करार देकर जनता और अन्ना जी को गुमराह किये जा रही है | देश के हर कोने में आज भष्ट्राचार व्याप्त है छोटे बड़े हर कम के लिए अपने से ऊपर वाले को खुश करना पड़ता है , जो ईमानदार, कर्मठ है वो गधा है वो गरीब की रेखा पार ही नहीं कर पा रहा है | अन्ना जी के ऊपर कितना कीचड़ उछाला गया उनकी ईमानदारी को दागदार किया गया फिभी उन्होंने हर बात का सटीक उत्तर दे कर सरकार का सर थोडा नीचे तो किया चाहे सरकार माने या न माने जनता को भी कुछ कुछ समझ आ गया है आगे भी आ जाएगा |
नेता अपने जन्मदिन पर जनता का पैसा पानी की तरह बहाते है चुनावो में रूपया लुटते है उनका हिसाब कोई नहीं मागता मागेगा भी कौन ? बेचारी जनता इस महगाई के दौर में रोजी रोटी के जुगाड़ में लगी रहती है सरकार अपनी मनमानी करने में | पाप का घडा सहने की क्षमता हार चुकी है ऐसे समय में अन्ना जी राम का अवतार बनके भोली भाली जनता का दुःख हरने आये है रावण रूपी सरकार और भष्ट्राचार से ऊबारने ने लिए हम सभी को उनका साथ देना चाहिए अगर हम सच्चे हिन्दुस्तानी है |
इस आन्दोलन में कुछ अभिनेता भी आगे आये है लेकिन जिनको जनता महानायक समझती है वो इस आन्दोलन में नायक बनकर सामने दिखाई नहीं दिए जिनकी एक आवाज पर सभी हिन्दुस्तानी एक हो सकते है जिन्हें आज भी जनता सर आखो पर रखती है मेरे ख्याल से उन्हें इस आन्दोलन में अन्ना जी के साथ होना चाहिए , जिन्हें जनता इतना प्यार करती है उन्हें भी तो जनता के प्यार की कद्र होनी चहिये |
देश को जगाना है, अन्ना को जितना है ,
जो सत्य को दबा रहे , असत्य को जीता रहे |
उन्हें नीचा दिखाना है देश को बचाना है |
फैला हुआ है भष्ट्राचार ऊच नीच की दीवार ,
इन सब को अब गिरना है देश को बचाना है |
" इन्कलाब जिंदाबाद
भारत माता की जय "
नेता अपने जन्मदिन पर जनता का पैसा पानी की तरह बहाते है चुनावो में रूपया लुटते है उनका हिसाब कोई नहीं मागता मागेगा भी कौन ? बेचारी जनता इस महगाई के दौर में रोजी रोटी के जुगाड़ में लगी रहती है सरकार अपनी मनमानी करने में | पाप का घडा सहने की क्षमता हार चुकी है ऐसे समय में अन्ना जी राम का अवतार बनके भोली भाली जनता का दुःख हरने आये है रावण रूपी सरकार और भष्ट्राचार से ऊबारने ने लिए हम सभी को उनका साथ देना चाहिए अगर हम सच्चे हिन्दुस्तानी है |
इस आन्दोलन में कुछ अभिनेता भी आगे आये है लेकिन जिनको जनता महानायक समझती है वो इस आन्दोलन में नायक बनकर सामने दिखाई नहीं दिए जिनकी एक आवाज पर सभी हिन्दुस्तानी एक हो सकते है जिन्हें आज भी जनता सर आखो पर रखती है मेरे ख्याल से उन्हें इस आन्दोलन में अन्ना जी के साथ होना चाहिए , जिन्हें जनता इतना प्यार करती है उन्हें भी तो जनता के प्यार की कद्र होनी चहिये |
देश को जगाना है, अन्ना को जितना है ,
जो सत्य को दबा रहे , असत्य को जीता रहे |
उन्हें नीचा दिखाना है देश को बचाना है |
फैला हुआ है भष्ट्राचार ऊच नीच की दीवार ,
इन सब को अब गिरना है देश को बचाना है |
" इन्कलाब जिंदाबाद
भारत माता की जय "
Saturday, August 20, 2011
कुछ मुक्तक {अन्ना जी के लिए }
कांग्रेसियों के हाथ में देदो -
मिलकर सब एक गन्ना |
बहुत उड़ाया मॉल देश का -
अब चुसे सिर्फ गन्ना |
जय हो अन्ना अन्ना, जय हो अन्ना अन्ना |
हिन्द की जान हो तुम ,
हिन्द की शान हो तुम,
हिन्द का मान हो तुम ,
हिन्द की पहचान अब तुम -
हिन्द का आभिमान हो |
अन्ना {जी} तुम महान हो |
इस तरह ज़गाया सबको -
इस तरह मिलाया है |
देख कर दुश्मन का सर -
शर्म से झुक आया है |
आज हर एक भ्रष्ट्राचारी -
खुद से ही घबराया है |
शांतिपूर्ण अनशन से देखो -
कैसी चेतना आई है |
आज हर एक हिन्द का वासी -
नाम तुम्हारा ले रहा -
लोकपाल बिल पास करना -
बस इसी का ध्यान रहे |
हिन्द का मान रहे |
लोकपाल बिल लाना है|
जनता कों जिताना है |
अन्ना कों जिताना है |
सच सामने लाना है |
{इन्कलाब जिंदाबाद }
मिलकर सब एक गन्ना |
बहुत उड़ाया मॉल देश का -
अब चुसे सिर्फ गन्ना |
जय हो अन्ना अन्ना, जय हो अन्ना अन्ना |
हिन्द की जान हो तुम ,
हिन्द की शान हो तुम,
हिन्द का मान हो तुम ,
हिन्द की पहचान अब तुम -
हिन्द का आभिमान हो |
अन्ना {जी} तुम महान हो |
इस तरह ज़गाया सबको -
इस तरह मिलाया है |
देख कर दुश्मन का सर -
शर्म से झुक आया है |
आज हर एक भ्रष्ट्राचारी -
खुद से ही घबराया है |
शांतिपूर्ण अनशन से देखो -
कैसी चेतना आई है |
आज हर एक हिन्द का वासी -
नाम तुम्हारा ले रहा -
लोकपाल बिल पास करना -
बस इसी का ध्यान रहे |
हिन्द का मान रहे |
लोकपाल बिल लाना है|
जनता कों जिताना है |
अन्ना कों जिताना है |
सच सामने लाना है |
{इन्कलाब जिंदाबाद }
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