कुछ बाते 'कुछ लोगो' के लिए नहीं होती ,
क्योकि कुछ बाते 'कुछ लोगो ' के लिए ही होती है |
कुछ बाते 'कुछ लोगो ' को बताने से 'बताने वाले' पछताते है -
जिन्हें बताते है वो उलझ जाते है |
इसलिए कुछ बाते 'कुछ लोगो ' के लिए ही ,
होती है |
इसलिए कुछ बाते 'कुछ लोगो को नहीं बतानी चाहिए |
कुछ बाते कुछ खास लोगो कों ही बतानी चाहिए |
Monday, September 19, 2011
Thursday, August 25, 2011
अन्ना जी का साथ दो , देश कों सम्भाल लो
अन्ना जी हम देश वासियों के लिए अनशन पर बैठे है , देश में फैले भष्ट्राचार को वो मिटाना चाहते है जनता और सरकार के बीच पारदर्शिता चाहते है जो हम -सभी के हित के लिए है | सरकार उनकी सही मागो को भी नाजायज करार देकर जनता और अन्ना जी को गुमराह किये जा रही है | देश के हर कोने में आज भष्ट्राचार व्याप्त है छोटे बड़े हर कम के लिए अपने से ऊपर वाले को खुश करना पड़ता है , जो ईमानदार, कर्मठ है वो गधा है वो गरीब की रेखा पार ही नहीं कर पा रहा है | अन्ना जी के ऊपर कितना कीचड़ उछाला गया उनकी ईमानदारी को दागदार किया गया फिभी उन्होंने हर बात का सटीक उत्तर दे कर सरकार का सर थोडा नीचे तो किया चाहे सरकार माने या न माने जनता को भी कुछ कुछ समझ आ गया है आगे भी आ जाएगा |
नेता अपने जन्मदिन पर जनता का पैसा पानी की तरह बहाते है चुनावो में रूपया लुटते है उनका हिसाब कोई नहीं मागता मागेगा भी कौन ? बेचारी जनता इस महगाई के दौर में रोजी रोटी के जुगाड़ में लगी रहती है सरकार अपनी मनमानी करने में | पाप का घडा सहने की क्षमता हार चुकी है ऐसे समय में अन्ना जी राम का अवतार बनके भोली भाली जनता का दुःख हरने आये है रावण रूपी सरकार और भष्ट्राचार से ऊबारने ने लिए हम सभी को उनका साथ देना चाहिए अगर हम सच्चे हिन्दुस्तानी है |
इस आन्दोलन में कुछ अभिनेता भी आगे आये है लेकिन जिनको जनता महानायक समझती है वो इस आन्दोलन में नायक बनकर सामने दिखाई नहीं दिए जिनकी एक आवाज पर सभी हिन्दुस्तानी एक हो सकते है जिन्हें आज भी जनता सर आखो पर रखती है मेरे ख्याल से उन्हें इस आन्दोलन में अन्ना जी के साथ होना चाहिए , जिन्हें जनता इतना प्यार करती है उन्हें भी तो जनता के प्यार की कद्र होनी चहिये |
देश को जगाना है, अन्ना को जितना है ,
जो सत्य को दबा रहे , असत्य को जीता रहे |
उन्हें नीचा दिखाना है देश को बचाना है |
फैला हुआ है भष्ट्राचार ऊच नीच की दीवार ,
इन सब को अब गिरना है देश को बचाना है |
" इन्कलाब जिंदाबाद
भारत माता की जय "
नेता अपने जन्मदिन पर जनता का पैसा पानी की तरह बहाते है चुनावो में रूपया लुटते है उनका हिसाब कोई नहीं मागता मागेगा भी कौन ? बेचारी जनता इस महगाई के दौर में रोजी रोटी के जुगाड़ में लगी रहती है सरकार अपनी मनमानी करने में | पाप का घडा सहने की क्षमता हार चुकी है ऐसे समय में अन्ना जी राम का अवतार बनके भोली भाली जनता का दुःख हरने आये है रावण रूपी सरकार और भष्ट्राचार से ऊबारने ने लिए हम सभी को उनका साथ देना चाहिए अगर हम सच्चे हिन्दुस्तानी है |
इस आन्दोलन में कुछ अभिनेता भी आगे आये है लेकिन जिनको जनता महानायक समझती है वो इस आन्दोलन में नायक बनकर सामने दिखाई नहीं दिए जिनकी एक आवाज पर सभी हिन्दुस्तानी एक हो सकते है जिन्हें आज भी जनता सर आखो पर रखती है मेरे ख्याल से उन्हें इस आन्दोलन में अन्ना जी के साथ होना चाहिए , जिन्हें जनता इतना प्यार करती है उन्हें भी तो जनता के प्यार की कद्र होनी चहिये |
देश को जगाना है, अन्ना को जितना है ,
जो सत्य को दबा रहे , असत्य को जीता रहे |
उन्हें नीचा दिखाना है देश को बचाना है |
फैला हुआ है भष्ट्राचार ऊच नीच की दीवार ,
इन सब को अब गिरना है देश को बचाना है |
" इन्कलाब जिंदाबाद
भारत माता की जय "
Saturday, August 20, 2011
कुछ मुक्तक {अन्ना जी के लिए }
कांग्रेसियों के हाथ में देदो -
मिलकर सब एक गन्ना |
बहुत उड़ाया मॉल देश का -
अब चुसे सिर्फ गन्ना |
जय हो अन्ना अन्ना, जय हो अन्ना अन्ना |
हिन्द की जान हो तुम ,
हिन्द की शान हो तुम,
हिन्द का मान हो तुम ,
हिन्द की पहचान अब तुम -
हिन्द का आभिमान हो |
अन्ना {जी} तुम महान हो |
इस तरह ज़गाया सबको -
इस तरह मिलाया है |
देख कर दुश्मन का सर -
शर्म से झुक आया है |
आज हर एक भ्रष्ट्राचारी -
खुद से ही घबराया है |
शांतिपूर्ण अनशन से देखो -
कैसी चेतना आई है |
आज हर एक हिन्द का वासी -
नाम तुम्हारा ले रहा -
लोकपाल बिल पास करना -
बस इसी का ध्यान रहे |
हिन्द का मान रहे |
लोकपाल बिल लाना है|
जनता कों जिताना है |
अन्ना कों जिताना है |
सच सामने लाना है |
{इन्कलाब जिंदाबाद }
मिलकर सब एक गन्ना |
बहुत उड़ाया मॉल देश का -
अब चुसे सिर्फ गन्ना |
जय हो अन्ना अन्ना, जय हो अन्ना अन्ना |
हिन्द की जान हो तुम ,
हिन्द की शान हो तुम,
हिन्द का मान हो तुम ,
हिन्द की पहचान अब तुम -
हिन्द का आभिमान हो |
अन्ना {जी} तुम महान हो |
इस तरह ज़गाया सबको -
इस तरह मिलाया है |
देख कर दुश्मन का सर -
शर्म से झुक आया है |
आज हर एक भ्रष्ट्राचारी -
खुद से ही घबराया है |
शांतिपूर्ण अनशन से देखो -
कैसी चेतना आई है |
आज हर एक हिन्द का वासी -
नाम तुम्हारा ले रहा -
लोकपाल बिल पास करना -
बस इसी का ध्यान रहे |
हिन्द का मान रहे |
लोकपाल बिल लाना है|
जनता कों जिताना है |
अन्ना कों जिताना है |
सच सामने लाना है |
{इन्कलाब जिंदाबाद }
Wednesday, August 17, 2011
आज के आदर्श अन्ना जी ..
आज सारा भारत देश अन्ना जी के साथ है अन्ना जी की लोकप्रियता और लोगो का उत्साह देख कर ये अंदाजा सहज लगाया जा सकता है कि-आम जनता भ्रष्ट्राचार {बेईमानी } से कितनी परेशान हो चुकी है | सरकार ने अन्ना जी समेत जनता की आवाज को दबाने का पूरा प्रयास किया लेकिन सरकार को सच्चाई के सामने अपने घुटने टेकने ही पड़े आगे भी पड़ेगे ...
अन्ना जी जो सर से पांव तक मेहनत, ईमानदारी, सच्चाई, कर्मठता की मूर्ति है उन पर कांग्रेस के नेताओं ने अभ्रद भाषा का प्रयोग करते हुए अनेक लांछन लगाये है जिसके लिए उन्हें अन्ना जी के पैर पकड़ कर नाक{जो अब कांग्रेस के पास नहीं है } रगड़ कर माफी मागनी चहिये | हम सब भारत वासी अन्ना जी के लिए भगवान से प्रार्थना करते है कि भगवान जनता के भगवान और उनके सहयोगियों पर अपनी कृपा-द्रष्टि बनाये रखे |
जन-जन तुम्हारे साथ अन्ना -
अंग संग तुम्हारे भगवान है |
आगे बढ़ते जाना है अब -
मंजिल को अपनी पाना है |
बिछा रहे है शत्रु जाल अब -
डर कर कुछ है दब रहे |
रहना है होशियार अब -
सच्चाई का अब मान रहे |
कराना है अब पास बिल -
जन जन को ये ध्यान रहे |
जन- जन तुम्हारे साथ अन्ना -
अंग -संग तुम्हारे भगवान रहे |
आगे ---
कलयुग में बनकर राम अन्ना जी आये है |
बन कर कांग्रेसी रावण देखो कैसे आये है |
फैला रहे शत्रु जाल अपना, डरा रहे धमका रहे -
अब नहीं पीछे हटेगे उनको ये ध्यान रहे -
क्योकि -
शरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है -
देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है |
अन्ना जी जो सर से पांव तक मेहनत, ईमानदारी, सच्चाई, कर्मठता की मूर्ति है उन पर कांग्रेस के नेताओं ने अभ्रद भाषा का प्रयोग करते हुए अनेक लांछन लगाये है जिसके लिए उन्हें अन्ना जी के पैर पकड़ कर नाक{जो अब कांग्रेस के पास नहीं है } रगड़ कर माफी मागनी चहिये | हम सब भारत वासी अन्ना जी के लिए भगवान से प्रार्थना करते है कि भगवान जनता के भगवान और उनके सहयोगियों पर अपनी कृपा-द्रष्टि बनाये रखे |
जन-जन तुम्हारे साथ अन्ना -
अंग संग तुम्हारे भगवान है |
आगे बढ़ते जाना है अब -
मंजिल को अपनी पाना है |
बिछा रहे है शत्रु जाल अब -
डर कर कुछ है दब रहे |
रहना है होशियार अब -
सच्चाई का अब मान रहे |
कराना है अब पास बिल -
जन जन को ये ध्यान रहे |
जन- जन तुम्हारे साथ अन्ना -
अंग -संग तुम्हारे भगवान रहे |
आगे ---
कलयुग में बनकर राम अन्ना जी आये है |
बन कर कांग्रेसी रावण देखो कैसे आये है |
फैला रहे शत्रु जाल अपना, डरा रहे धमका रहे -
अब नहीं पीछे हटेगे उनको ये ध्यान रहे -
क्योकि -
शरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है -
देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है |
Wednesday, June 15, 2011
छोटी सी बात मगर ....
एक लड़की एक लड़के के साथ मोटरसाइकिल पर पीछे बैठ कर जा रही थी | हाफ तंग टीशर्ट,नीचे तंग जींस जिस में से उस लड़की की पैंटी और आधे से ज्यादा कमर साफ नजर आ रहे थी , लड़की उस लड़के से चिपट कर बैठी थी | लाल बत्ती पर उस शो को सब देख रहे थे और में उन सब को देखते हुए उस गरीब लडकी को देख रही थी जिसे गरीबी ने इस कद्र तंग कर दिया था की उसके कपड़े फटे जा रहे थे | दोनों में बस इतना अंतर था एक शौक में और दूसरी मजबूरी में थी |
सब के लिए वो प्रदर्शन की वस्तु बने हुए थे मेरे मन में अनेक दर्शन के सवाल जाग गये |
सब के लिए वो प्रदर्शन की वस्तु बने हुए थे मेरे मन में अनेक दर्शन के सवाल जाग गये |
Friday, April 8, 2011
Thursday, March 31, 2011
खेल कों खेल रहने दो
कल भारत पाकिस्तान का मैच था {३० मार्च } लोग का जुनून पागल पन की हद पार करता दिखा | मीडिया और पेपर में देखन और पढने को मिला , कही हवन हो रहा है तो कही लोग अपने चेहरों पर झंडा जैसा रंग पुता कर चिल्ला चिल्ला कर भारत की जीत की कमाना कर रहे थे | कही जोर जोर से गाने लगाये जा रहे थे , तो कही पटाखों का शोर हर एक खिलाडी के आऊट होने पर हो रहा था | जब भारत जीता तो पटाखों के शोर ने कान फाड़ दिए | माना सालो बाद भारत विश्व कप के फाइनल में पहुचा है ख़ुशी की बात है लेकिन इस ख़ुशी को खेल के नजर से देखे ना कि भारत पाकिस्तान का मैच समझ कर |
मैच ख़त्म होने पर देर रात सडको पर शोर सुनाई देता रहा लडके अपनी धुनों में तेज़ रफ्तार अपनी बाइक पर सीटिया बजाते चिलाते रहे , बाइक की रफ्तार इतनी तेज़ थी कि अगर सामने कोई आ जाए तो गया काम से | खेल के नशे में अपनी ज़िन्दगी से खेलना क्या सही है | अगर युवाओं में उत्साह ज्यादा हो गया है तो देश में उन मसलो में दिखाए जो जरूरी है जिसकी देश को जरूरत है | उन कामो में जोश दिखाए जिससे देश का नाम हो और उनका भी | भारत और पाकिस्तान के मैच को सिर्फ खेल की नजर से और अपनी नजर से देखे न कि किसी और नजर से | मै क्या कहना चाह रही हु आप समझते है |
मैच ख़त्म होने पर देर रात सडको पर शोर सुनाई देता रहा लडके अपनी धुनों में तेज़ रफ्तार अपनी बाइक पर सीटिया बजाते चिलाते रहे , बाइक की रफ्तार इतनी तेज़ थी कि अगर सामने कोई आ जाए तो गया काम से | खेल के नशे में अपनी ज़िन्दगी से खेलना क्या सही है | अगर युवाओं में उत्साह ज्यादा हो गया है तो देश में उन मसलो में दिखाए जो जरूरी है जिसकी देश को जरूरत है | उन कामो में जोश दिखाए जिससे देश का नाम हो और उनका भी | भारत और पाकिस्तान के मैच को सिर्फ खेल की नजर से और अपनी नजर से देखे न कि किसी और नजर से | मै क्या कहना चाह रही हु आप समझते है |
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