आज किसी अपने से इस तरह मिले -
दिल के टुकड़े टूट कर बिखरे |
इस तरह अरमानो का खून हुआ -
बहुत करीब आके कोई दूर हुआ |
खेला इस तरह दिले-ज़ज्बात से -
खेलता है जैसे कोई ,
अजनबी ख्यालात से |
दोराहे पर लाकर साथ -
मेरा छोड़ा है |
जिसे प्यार समझ कर -
सज संवर रहे थे, उस -
प्यार ने आज दिल मेरा तोडा है |
Friday, March 16, 2012
Friday, December 9, 2011
मै सोई नही थी

मै सोई नहीं थी -
रात में जागी,संग तुम्हारे रात भर,
तुम क्या जानो ,रात भर रोई -
संग तुम्हारे|
तुम क्या जानो तुमने कितना -
खुद को उलझा लिया है |
आस पास तुमने अपने 'च्रकव्यूह'
रचा लिया है |
सुलझ-सुलझ कर मै उलझी
'च्रकव्यूह' मै तुम्हारे रात भर |
मै सोई नहीं थी ......
रात मै ........
हर एक तुम्हारा अपना है ,
हर एक के हो तुम करीब |
समझ के भी न समझे कुछ -
तुम थे मेरे सबसे समीप|
जान पूछ कर तुम ने अपना ,
हाल ये बना लिया है |
उलझ-उलझ कर मै न सुलझी -
सच जानो तुम रात भर |
मै सोई नहीं थी
रात मै जागी ....
Monday, December 5, 2011
क्यू
आपका सपनों में आना -
आके बातो का बनाना |
कर रहा दिल को मजबूर -
आ ना जाए मुझ में गुरुर ||
आपका सपनों ......
प्यार मुझको हो चुका है ,
मेरा खुदा भी हो चुका है |
दिल भी उसका हो ,
चुका है |
ना कर मुझको मुझसे दूर
आ ना जाए मुझ में गुरुर |
आपका सपनों में आना -
आके बातो का बनाना |
आप तो है एक सपना -
चुपके से आये ,जायेगे |
कभी अश्क कभी सपना ,
कभी दर्द बन जायेगे |
हो जाओ आखो से दूर -
आ ना जाए मुझ में गुरुर |
आपका सपनों में आना -
आके बातो का बनाना |
Tuesday, November 29, 2011
मतलब पता नही
अपनी तन्हाई से -
उसकी बेवफाई से ,
डर लगता है
अपनी परछाई से-
उसकी रुसवाई से ,
डर लगता है |
वो प्यार करता है -
मुझे हद से ज्यादा |
हो न जाए मुझसे जुदा -
उसकी जुदाई से डर
लगता है |
उसकी बेवफाई से ,
डर लगता है
अपनी परछाई से-
उसकी रुसवाई से ,
डर लगता है |
वो प्यार करता है -
मुझे हद से ज्यादा |
हो न जाए मुझसे जुदा -
उसकी जुदाई से डर
लगता है |
Monday, November 28, 2011
हो रहा भारत
आज फिर कुछ लोग सरकार की -
निंदा कर रहे थे |
हमारी ही तरह समय पास कर -
रहे थे |
किसी ने पार्क को पार्किंग -
बना दिया था |
कही किसी ने पेड़ काट-
दिया थे |
दोनों काम दोनों की
मर्ज़ी से हुए थे |
इल्ज़ाम सरकार के माथे मड़-
रहे थे
जनता सो रही है |
सरकार सुला रही है -
गरीबो को मीठी गोली -
खिला रही है ,
जो कर सकते है कर -
नहीं रहे -
व्यजन खाकर मीठी नीद ले रहे है |
मिला कर हाथ सरकार से -
गोलमाल कर रहे -
सरकार उनको चला रहीहै -
वो सरकार चला रहे है |
गरीब दो पाटो के बीच गेहू से -
पीस रहे है -
क्योकि -
सरकार ने उन्हें दाना डाल दिया है |
वो अपना मुह बंद रखे -
क्योकि सरकार देश नहीं खुद को -
चला रही है, देश खा रही है |
क्योकि सुनने में आ रहा है ............
हो रहा भारत ..............
निंदा कर रहे थे |
हमारी ही तरह समय पास कर -
रहे थे |
किसी ने पार्क को पार्किंग -
बना दिया था |
कही किसी ने पेड़ काट-
दिया थे |
दोनों काम दोनों की
मर्ज़ी से हुए थे |
इल्ज़ाम सरकार के माथे मड़-
रहे थे
जनता सो रही है |
सरकार सुला रही है -
गरीबो को मीठी गोली -
खिला रही है ,
जो कर सकते है कर -
नहीं रहे -
व्यजन खाकर मीठी नीद ले रहे है |
मिला कर हाथ सरकार से -
गोलमाल कर रहे -
सरकार उनको चला रहीहै -
वो सरकार चला रहे है |
गरीब दो पाटो के बीच गेहू से -
पीस रहे है -
क्योकि -
सरकार ने उन्हें दाना डाल दिया है |
वो अपना मुह बंद रखे -
क्योकि सरकार देश नहीं खुद को -
चला रही है, देश खा रही है |
क्योकि सुनने में आ रहा है ............
हो रहा भारत ..............
Friday, November 25, 2011
अंतर ...
एक कुत्ते के भोकने पर -
तमाम कुत्ते आ जाते है |
एक पंछी के चहकने पर ,
तमाम पंछी आ जाते है |
विपत्ति में फंसे आदमी -
की आवाज पर लाखो यूही
निकल जाते है ॥
विरले ही रुकते रुकाते है |
कहने कों हम इन्सान बुद्धिमान -
कहलाते है |
तमाम कुत्ते आ जाते है |
एक पंछी के चहकने पर ,
तमाम पंछी आ जाते है |
विपत्ति में फंसे आदमी -
की आवाज पर लाखो यूही
निकल जाते है ॥
विरले ही रुकते रुकाते है |
कहने कों हम इन्सान बुद्धिमान -
कहलाते है |
शादी के बाद
शादी के कुछ साल बाद सब कुछ बदल जाता है -
पति के विचार
पत्नी का आकर |
पति की बाते -
पत्नी की दिन-राते |
पति का हँसी मजाक -
पत्नी के लिए बकवास |
पति के रिश्ते नाते -
लगते कभी पत्नी कों काटे|
पति का रोज देर से आना -
पत्नी का रूठ के सो जाना |
धीरे -धीरे शादी के बाद -
सब कुछ बदल जाता है |
पति के विचार
पत्नी का आकर |
पति की बाते -
पत्नी की दिन-राते |
पति का हँसी मजाक -
पत्नी के लिए बकवास |
पति के रिश्ते नाते -
लगते कभी पत्नी कों काटे|
पति का रोज देर से आना -
पत्नी का रूठ के सो जाना |
धीरे -धीरे शादी के बाद -
सब कुछ बदल जाता है |
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